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देवनागरी में लिखें

Thursday, 23 February 2017

*न्याय*



कुलबोरन! कौन सी मनहुस घड़ी थी जो तुझे बियाह के लाए इस घर में !मेरे बंश के जान के पीछे पड़ी है । किस जनम का दुश्मनी निकालने के लिए इस जनम में आई । अपनी बहु को शब्दों के नश्तर चुभोती हुई भगमतियाँ अपने बेटे के पीछे पीछे भाग रही थी । बेटे के कमर में रस्सी बाँध पुलिस घसीटते हुए ले जा रही थी ।

मुशहर टोली की भीड़ जमा ! तरह तरह के लोग तरह तरह की बातें चल रही थीं । एक औरत आगे बढ़ कर बहु को झंझकोरते हुए बोली क्यों की तुम ऐसा ? देख अपनी सास की हालत , कई दिनों के बाद तो बेटा घर आया था और तूने पुलिस को ख़बर कर दी । पुलिस जाने कैसा उसके के साथ व्यवहार करेगी?

"क्या इन्होंने उस बच्चे को जान से मार कर ठीक किया था , जो अपने बॉल को लेने हमारे छत पर चढ़ गया था ?

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