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देवनागरी में लिखें

Saturday, 25 March 2017

स्तब्धता



झरता पत्ता-

क़ब्रों के बीच में मैं
निशब्द खड़ी

जीवन का अंत
या
जीवन का आरंभ
सबकी सोच अपनी अपनी
मापदंड होंगे न अपने अपने


अदाह्य दीप


फैलाये चिंगारियाँ-
दल जुगनू Related image








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मेला में स्त्रियाँ -
गूँजती तितलियाँ
छोर से पोर ।









चित्र में ये शामिल हो सकता है: आकाश, बाहर और प्रकृति


डूबता सूर्य -
सज गया सिंदूर
नाक से भाल ।



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