Thursday, 23 January 2014

जिंदगी छोटी पड़ गई




Displaying .facebook_-1055532822.jpg

कहानी थोड़ी पुरानी है …… 
एक परिवार में माँ और तीन बच्चे(दो पुत्र और एक पुत्री) थे 
तीनों बच्चे छोटे छोटे थे तभी पिता की मृत्यु हो गई थी। … 
सबसे छोटी पुत्री को अपने पिता की छवि याद भी नहीं थी। .... 
परिवार में आमदनी का स्रोत्र खेती था
जिंदगी सुचारु रूप से चल रही थी 
लेकिन जब बच्चे बड़े हुए और शिक्षा पर खर्च बढ़ा तो आमदनी कम पड़ने लगा। …। 
तीन बच्चों का पढ़ाई खर्च खेती से पूरा नहीं हो पा रहा था और 
छोटे बेटे को तकनीक पढ़ाई करने की इच्छा थी 
अगर वो प्रतियोगिता से कही नामांकन करवाता तो खर्च कम भी होता 
क्यूँ कि उस समय सरकारी कॉलेज फी कम हुआ करता था 
लेकिन संयोग से 
उसको किसी प्रतियोगिता में सफलता नहीं मिल पाई 
उसे प्राइवेट कॉलेज में ही नामांकन करवाना पड़ता 
माँ सामर्थ्यहीन थी। …। 
लड़का मेधावी है ,पढ़ लिख जायेगा तो 
भविष्य में अपनी लड़की से शादी कर देंगे ,
यह सोच मन में रख कर ,उस लड़के का दूर का
एक रिश्तेदार प्रस्ताव रखे कि 
लड़के का पढ़ाई का खर्च वो उठायेंगे। …। 
लडके की माँ मान गई लड़के की पढ़ाई शुरू हुई 
लड़के की पढ़ाई पूरी हो गई 
लड़के की छोटी बहन तब तक सयानी हो गई 
लड़के और लड़के कि माँ को चिंता अब उसकी शादी की हो गई 
क्यूँ कि दहेज़ देने के लिए पैसा नहीं था और 
बिना दहेज की शादी सम्भव ही नहीं थी 
तब माँ ने बेटे और बेटी की शादी 
एक साथ सम्पन्न घराने में तैय की 
बेटे का तिलक पहले रखी ,जो जो सामान आया ,
सब सामान बेटी के होनेवाले ससुराल भेज दी 
फिर बेटे की शादी की ,शादी में दुल्हन जो सामान लेकर आई 
सब सामान के साथ बेटी की शादी कर ,
दोनों माँ बेटे निश्चिन्त हो गए 
लेकिन
जब उस रिश्तेदार को पता चला (जो लड़के के पढ़ाई का खर्च उठाया था) 
तो वो बहुत हंगामा किया कि उसके साथ धोखा हुआ है ,
{{वो तो इस लालच में था कि एक होनहार दामाद मिल जाएगा}}
किसी तरह बीच बचाव हुआ वो अपनी लड़की की शादी दूसरे लडके से किया 
लड़की की शादी जिस लडके के साथ हुई 
वो दो भाई बहन थे ,पिता जी थे लेकिन माँ नहीं थी। .... 
लड़की को एक बेटा हुआ और शादी के ३-४ साल के बाद ही 
उसके पति की मृत्यु हो गई 
लड़की के ससुर लड़की को उसके बेटा के साथ 
घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया क्यूँ कि 
वो अपनी सारी सम्पति अपनी बेटी को देना चाहता था 
तभी उस लड़की की मदद के लिए वही लड़का सामने आया
जिसे लड़के के पढाई का खर्च उस लड़की के पिता उठाये थे 
कोर्ट कचहरी का काम 
घर में प्रवेश 
वहाँ उस लड़की की सुरक्षा 
समाज में बहुत तरह की बाते फैली 
उस लडके का अपना परिवार था 
दो पुत्र थे ,पत्नी थी 
पत्नी को भी समाज की बातों का यक़ीन था 
पति-पत्नी को एक दम्पति से बहुत गहरी दोस्ती थी 
दोनों परिवार पडोसी थे 
एक दिन सुबह सुबह पति अपने मित्र की पत्नी से उसके घर आकर बोले 
मेरी पत्नी घर छोड़ कर जा रही है ,
किसी तरह आप ,आज उसे रोक लीजिये नहीं तो 
उसके घर वाले मुझे मरवा देंगे। …। 
उस दिन का झगड़ा सलट गया 
लेकिन पति का उस लड़की से सम्बन्ध चलता रहा 
पति की ही मौत हो गई 
जिंदगी छोटी पड़ गई। ....... 











Monday, 13 January 2014

विनम्र क्षमा




हमें गुमान होता है कि हम अपने देश को जानते हैं 
जबकि मैं अपने राज्य के खैनी के पत्ते उपजाने वाले 
दलसिंहसराय के हिन्दू के दफनाय जाने की रीत से अनभिज्ञ थी 
जबकि हिन्दू का दाह संस्कार होता है .....

शव के शरीर पर , 
जो रामनाम लिखा चादर ओढ़ाया जाता है , 
उसे एक पेड़ में वहीं पर बांध दिया जाता है .....


परसो शाम में ,चौधरी जी की मौत की खबर मिलते ही ,बैचैन हो गई ,अंजू से मिलने के लिए ,उनकी क्या हालत होगी ,इसकी कल्पना भी नहीं करना चाहती थी ,कर भी नही सकती थी ना,बस बैचैनी थी ,जल्दी से जल्दी उनके पास पहुँचने की । इनसे बोली जाना है तो बोले ,काम बहुत है ,श्राद्ध कर्म में जायेंगे ,मेरी बैचैनी देख कर बोले ,तुम जाओ ,कब जाना चाहती हो ?
मैं बोली अभी ,अभी तुरंत 
वो बोले इतना खराब मौसम(बारिश और घनघोर कुहास) है ,रात का समय है,कोई ड्राइवर गाड़ी ठीक से नही चला सकेगा,कुछ हो गया तो लेनी की देनी हो जाएगी ,सुबह 6 बजे जाओ 9 बजे तक मुजफ्फरपुर पहुंच जाओगी ,
बहुत गुस्सा आया ......
लेकिन जाहिर नहीं कर सकी .....
गुस्सा मौसम ,उपर बैठे कठपुतली की तरह नचाने वाले पर थी .....
किस पर निकलती ....
सुबह ठीक 6 बजे घर से निकली तो सोची , 
5 बजे ही निकलती तो एक घंटा और पहले पहुंच जाती 
लेकिन थोड़ी दूर आने के बाद ,
गाड़ी के नीचे का पट्टी टूट गया 
जिसे बनाने में दो घंटा से अधिक तक समय लग गया है
अनजान रास्ता गांव है दलसिंहसराय ,
पहली बार गुजर रही थी , इस तरफ से 
शायद गांव है इसलिए गाड़ी बन रही है
रास्ते के एक अनजान आदमी ने मिस्त्री को फोन किया ,
मिस्त्री आया तो दुकानवाला को फ़ोन कर बुलाया ,
गाड़ी की पट्टी जो खरीदनी थी , दुकानवाला आया तो पट्टी खरीदने के बाद , 
कुछ काट - छांट के लिए दुसरे दुकानवाले की और जरुरत पड़ी ,
उसे भी फ़ोन कर बुलाया गया 
छोटा गांव , गरीबी चारो ओर बिखरी पड़ी है ,
लेकिन इंसानियत , शर्मसार कर दे महानगर को
जो होता है अच्छे के लिए होता है .....
रात में अकेले निकलना ,बहुत परेशानी होती ...

…… 
अंजू का सवाल "बताइए न अब कैसे रहेंगे " निरुत्तर हम सब
कैसी लोहडी कैसा खिचड़ी 
सबसे पहले , शुभकामनाये , अंजू से मैं शुरू करती थी हरसाल 

आप सबों से विनम्र क्षमा इस बार के लिए…… 



Saturday, 11 January 2014

स्तब्ध हूँ



सोची नहीं थी कि ये आखरी मुलाकात होगी
अभी एक महीना भी तो नहीं गुजरा .... 

इतने प्यार से आशीर्वाद देने वाले राहुल के चौधरी चाचा ,
राहुल के पापा के हर सुख -दुःख  साथ देने वाले मित्र  …… 
29 साल से हमारा पारिवारिक रिश्ता था

आज का दिन बहुत सर्द था ……

चौधरी जी किसी काम से बैंक गये थे ,वहीँ वे गिर पड़े ,
वहाँ से उन्हें अस्पताल ले जाया गया ,जहां उन्हें मृत्य घोषित कर दिया गया ……
जिन्हें ब्लड प्रेशर की बीमारी हो उन्हें ठंढ से अपना बचाव करना चाहिए …… 

दो-चार दिन पहले ही कहीं पढ़ी थी कि 
अगर किसी को दिल में दर्द हो तो 
जोर जोर से खांसना चाहिए जिससे 
अगर दिल का दौरा हो तो इलाज़ का समय मिल जाये .... 

सोची जब अंजू से बात होगी तो बताउंगी 
लेकिन 

I am Old



I LOve Rain 
But
I am Old

उम्र बढ़ने पर ठंढ ज्यादा तकलीफ देती है ....
जैसे जैसे उम्र बढती जा रही है ,
सर्दी कुछ ज्यादा ही डराती जा रही है ......
उतना ही ठंढ क्यूँ नहीं पड़ता है ,
जितना इन्सान सह सकता हो ...... 
मौत हावी होती जा रही है ....... 
मौका मिला ..... 
दो दिन बिलकुल अकेले रहने को ..... 
48 घंटे एक कमरे में कैद कर ली अपने को .....
हीटर भोजन लैपटॉप टीवी और बुनाई सहारे ....
कैद कितनी देर रहती ,पास ही तो थे ये नजारे ......


बथुआ ,साग उभरता है चेतन में
छोटा पौधा दिखता है चमन में ....


वारिद रोया 
वारिस नहीं आया 
बारिश आया 



शीत लहर
प्रकृति का कहर
चारो पहर

2

तीखा जहर
शीत-बारिश वर
शरीर पर / फसल पर
~~~~~~
पुरानी बात है ....
सभी मुझ से जलते थे कि
 मुझे ठंढ क्यूँ नहीं सताती है …… 
मेरी सास कहती थीं कि 
उन का पैसा बचा देती है ......

बदलता मौसम बच्चो के लिए भी कष्ट दायक होता है …....
 वो समय बच्चों के लिए ज्यादा ख्याल रखना खोजता है …… 
1-2 साल से 10-11 साल के बच्चों को 
Homeopathy 
VAROLINUM - 200 / 1 DOSE WEEKLY / 4 WEEKS
दिया जाए तो मिजिल्स(Chicken Pox ) से बचाव होता है ....... 
ये मेरा निजी अनुभव है …... मैं महबूब का बचाव की हूँ ......




Friday, 10 January 2014

"चौपई" छंद



"चौपई" छंद 

"चौपई" एक मात्रिक सम छंद है। इस छंद में चार चरण यानि चार पाद होते है। 
प्रत्येक चरण में 15 मात्राओं के साथ ही प्रत्येक चरण में 
समापन एक गुरु एवं एक लघु के संयोग से होता है। 
अपने समय में इस छंद का प्रयोग धार्मिक साहित्य 
जैसे श्लोकादि में किया जाता रहा है। 
उत्तम छंद सृजन के लिए अगर इस छंद की रचना करते समय 

। । । । ऽ । । ऽ ऽ ऽ । या 4, 4, 7 का 

मात्रिक विन्यास रखा जाए तो लयबद्धता अधिक निखर कर आती है। 

1

रवि को छिपा लिया है मांद
संझा ले आई है चाँद 
जुगनू भेजा है संवाद 
तम तज दो अपना उन्माद 
............

2

खलती है वृद्धों की छाँव !
भूल नहीं पाती हूँ गाँव !!
सहरा क्या देता है ठाँव !
छाले ही पाता है पाँव !!

...........................

3

दोस्त बनाते ही हैं जाँच
लाख टके की बातें सांच
रिश्ते होते ही हैं कांच
बिखराता है शक का आंच 

~~

Thursday, 9 January 2014

बोलती तस्वीर


शुभ प्रभात 


फेसबुक के एक ग्रुप 


सही या गलत लिखती हूँ
निर्णय आप करें 


विरागी ढीठ 
श्रृंगारिणी है हठी 
निहारे पीठ |
~~
प्रतीक्षा ढूँढे
विरहा क्षण टूटे 
विरागी मुड़े |
~~
विछोह उष्ण 
नारी हुई निस्तेज 
आसक्ति ध्वंस |
____________

उलझने ढेर सारी होने वाली ही थी 
समय की गति तेज होने वाली ही थी 
जवानी के दिन थे ,मस्तानी रातें थी 
बच्चें-रिश्तेदारों की जिम्मेदारी थी 
रूत भी आने - जाने वाली ही थी 
समयाभाव-शिकवा हमसफर को थी 
विरहन जिंदगी मिलने वाली ही थी 
सरोष राह बदल जाने वाली ही थी ........
~~~~

शुक्रिया और आभार 

Monday, 30 December 2013

अलविदा नहीं ,जेहन में हमेशा के बस गए तुम 2013




2013

रीता या बीता 
मैं तो जीती गई 
ऊपर वाला एक पलड़े पर 
ढेर सारे गम रख देता है 
दूसरे पलड़े पर छोटी सी ख़ुशी 
रखा नहीं कि तुलसी के पत्ते 
के समान हुई 

2013 



13 अंक सभी के अनुसार अशुभ होते हैं 
15 फरवरी  को पापा के मृत्यु के बाद कुछ देर के लिए 
मेरा मन भी डगमगाया था 
लेकिन कुछ देर के लिए 
उन्हें कष्ट बहुत था 
उन्हें तो मुक्ति मिली थी 
हम दुखी अपने स्वार्थ में थे 
15 फरवरी को वसंत पंचमी था 
उसे खो जाने का तब तक अफसोस है 
जब तक हमारे कुल में नये वंश का आगमन नहीं हो जाता 
17 अगस्त को बेटे की सगाई 
और 
कोर्ट मैरेज से शुरू हुई उल्लास और उमंग 
15 दिसम्बर  को ही मैं रखी ,
 मंदिर में बेटे का शादी का दिन


रीता या बीता नहीं ,जीता गया 2013 .....
ये स्वेटर 24 साल पहले का मेरे हांथो का बुना है

मुझे हमेशा मलाल रहता था कि इनके लिए बुना हुआ ये आखरी स्वेटर होगा क्यूँ कि इन्हें बाज़ार का खरीदा स्वेटर
मोंटे कार्लो , पार्क एवेन्यु etc के स्वेटर ज्यादा पसंद आते थे ....
मुझे हमेशा लगता वे महंगे तो होते ही हैं ,साथ में उनमें गर्माहट कम है ,लेकिन समझा नहीं पाती थी 
25 दिसम्बर को सुबह सुबह ये बोले इस स्वेटर को पहन लेता हूँ तो दूसरा कुछ और पहनने की जरूरत महसूस नहीं होती । बहुत पुराना होने के बाद भी ये बहुत गर्म करता है
और 29 दिसम्बर को ये उन आ गया

 
कभी कभी चुप रह कर समय का इंतजार करना चाहिए न 
सब wish पूरी होती ही है
कहने के लिए बहुत सी बाते थी है रहेगी 2013 जाते जाते थोड़ी सी .......... दे गया ....... 
Old is Gold 


अलविदा नहीं ,जेहन में हमेशा के बस गए तुम

2013 
~~ 

Tuesday, 24 December 2013

चेन्नई की यादें 20 to 22 दिसम्बर 2013





हैप्पी क्रिसमस 


ये सब आपलोगो के लिए 


मेरी रानी बेटी & बेटी जी के लिए 


राष्ट्रपति के सुरक्षा के कारण किसी को अपने पास कैमरा या मोबाईल रखने की अनुमति नहीं मिली .... 
इस लिए फ़ोटो का फ़ोटो लेना पड़ा बाद में .... — at The Leela Palace, Chennai.....

 

आस्ट्रेलिया से आई इंजीनियर को मेमोन्टो और शॉल सौंपा गया … 



लंदन से आई बहुत कुछ याद दिला गईं 


हिंदुस्तान की स्त्रियाँ सम्भल जाएँ 
कहीं वे इस विदुषी से पिछड़ ना जाएँ
ये विदुषी लंदन से आई थी और 
इन्हें पुरे दिन साड़ी पहन , 
खुश होते देख अच्छा लगा .... 
यहाँ की कुछ महिलाएं थोड़ी देर में ही 
अपनी साड़ी इसलिए बदल दी कि 
आरामदायक पोशाक साड़ी नही होती  ....



सामने शीशा होना चाहिए 

Tuesday, 10 December 2013

आवेश


हाइकु 

5-7-5

लहरा आता 
क्षणिक भावावेश 
वो जीता जाता  

होश गंवाता 
देखा सत्य सामने 
खिसक लेता 

~~

संख्या का 
खेल छोडो 
एक सता 
एक बिपक्ष 
सम्भाल लो 
मंशा समझो 
तेलिया के 
तीन चांस 
मत खेलो ....

~~

बिपक्ष मजबूत होनी ही चाहिए 
बिगड़ैल हाथी पर
महावत के अंकुश जैसी 
जिसमें लोभ - मोह नहीं हो 

......................
पुष्ट घरौंदा
पैबंद लगा देता
रिसते रिश्ते 

~~~

Saturday, 7 December 2013

आंसू के रूप





आँख गहना 
आंसू के कई रूप 

5-7-5-7-7

आँख बिछुड़ी
माँ आँचल समाती
मोती बनती 
धरा अंग लगाती 
आंसू धूल सानती 

5-7-5-7-7

साथ छोड़ते
पथराई आँखों का 
नहीं निभाते
कपकपाते होठ  
बे-दर्द आंसू बैरी 


5-7-5-7-5-7-5-7-7

आँख से टूट 
बंदनवार तनी
बरौनी पर 
गम आंसू छोड़ 
पोली बांसुरी 
गुनगुनाने वाली 
जिंदगी धुन 
हृदय तान संग 
विरला बजाता है

_______________ 

छाँव का स्थायित्व और अवहित्था

https://www.facebook.com/share/r/18WzEZJakd/?mibextid=wwXIfr बरगद के विशाल वृक्ष का तना लाल-सुनहरे धागों से भरता जा रहा था। पूजा की थालियों ...