Pages

देवनागरी में लिखें

Tuesday, 19 March 2013

होली की उमंग




ठंडाई संग भंग 
मस्त चढ़े रंग 
फाग तरंग 
मिष्ट स्वाद के संग
सब बुढवा 
करे तंग 
समझे 
अपने को 
देवरवा मलंग
होली की उमंग .....।


1)
आ होलाष्टक 
हरकारा लगता 
लाता है ख़ुशी 

(2)
रंग होली का 
भीगा धरा ,बनाया 
इन्द्रधनुष 

(3)
भंग औ रंग 
नाचे धरा -गगन 
गोरी को लागे 

(4)
कामदेव ने 
मधुमास ले आये 
तीर चलाये 

(5)
श्री रूपा राधा 
शरारत कान्हा का 
रंग दे चुन्नी 

(6)
देवर-भाभी 
मिलकर रंगों की 
होड़ लगाईं 

(7)
बैर ना पालो 
रंग में क्लेश घोलो 
तनाव टालो !!



11 comments:

  1. लाजवाब. एकदम 'मधु'मय.

    ReplyDelete
  2. रंग बिरंगी लाजवाब..

    ReplyDelete
  3. बहुत ही सुन्दर रचना की प्रस्तुति.

    ReplyDelete
  4. एक से बढ़कर एक ..... आ रही है होली......

    ReplyDelete
  5. होली का जीवंत चित्रण

    ReplyDelete
  6. बहुत ही बढ़िया .... शुभ होली

    ReplyDelete
  7. वाह भई वाह !
    होली की बहुत शुभकामनाएं !

    ReplyDelete
  8. बहुत खूब! होली की हार्दिक शुभकामनाएँ!

    ReplyDelete
  9. शुभकामनाये..

    ReplyDelete

आपको कैसा लगा ... ये तो आप ही बताएगें .... !!
आपकी आलोचना की जरुरत है.... ! निसंकोच लिखिए.... !!