Thursday, 30 March 2017

हाइकु






झरता पत्ता-
क़ब्रों के बीच में मैं
निशब्द खड़ी

जीवन का अंत
या
जीवन का आरंभ
सबकी सोच अपनी अपनी
मापदंड होंगे न अपने अपने Related image



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मेला में स्त्रियाँ -
गूँजती तितलियाँ
छोर से पोर ।


चित्र में ये शामिल हो सकता है: आकाश, बाहर और प्रकृति चित्र में ये शामिल हो सकता है: 1 व्यक्ति, वृक्ष और बाहर
जोड़े में बैठा
तीरवर्ती बुजुर्ग -
डूबता सूर्य ।


डूबता सूर्य -
सज गया सिंदूर
नाक से भाल ।

अदाह्य दीप
फैलाये चिंगारियाँ
दल जुगनू ।

6 comments:

  1. आपकी लिखी रचना "पांच लिंकों का आनन्द में" शुक्रवार 31 मार्च 2017 को लिंक की गई है.... http://halchalwith5links.blogspot.in पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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  2. बहुत सुन्दर शब्द रचना

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आपको कैसा लगा ... यह तो आप ही बताएगें .... !!
आपके आलोचना की बेहद जरुरत है.... ! निसंकोच लिखिए.... !!

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