बधाई व शुभकामनाएं।
हार्दिक आभार आपका
हाइकु दिवस की बधाई हो।
बधाई
आपको कैसा लगा ... यह तो आप ही बताएगें .... !!आपके आलोचना की बेहद जरुरत है.... ! निसंकोच लिखिए.... !!
पंचर की मरम्मत “कारखाने की घड़ियों की टिक-टिक मेरे सिर में हथौड़ों की तरह बज रही थी। मेरे पेडू का दर्द किसी तेज़ धार वाले चाकू की तरह उसे भी...
बधाई व शुभकामनाएं।
ReplyDeleteहार्दिक आभार आपका
Deleteहाइकु दिवस की बधाई हो।
ReplyDeleteबधाई
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