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देवनागरी में लिखें

Tuesday, 16 October 2012

एक बार फिर साबित हुई , I am Emotional fool .......... :D

 
एक बार फिर साबित हुई ,
I am Emotional fool .......... :Dgrin
हम जानवर से थोड़े से अलग
अपने दिमाग की वजह से समझे जातें हैं ....
तो दिमाग थोड़ा ज्यादा नहीं लगा लेते .....
जो जैसा है वैसा ही नहीं समझ ...
थोडा वैसा ज्यादा ही समझने की समझदारी दिखा .....
थोड़ा ज्यादा ही समझदार खुद को समझ ,खुदा समझ बैठते हैं  
 
~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~*~
कब से थी हर्षित ,
हर्ष ,कहीं सुला दी ....

किसी ने दिये दहसत ,
हदस , कहीं छिपा दी ....

क्यूँ बन गया दर्दनाक ,
दर्द ,कहीं दिखा दी ....
 
कई जल गये जज़्बात ,
जज्बे, कहीं जला दी ....

क्यों नहीं लड़ सकी ख्यालातों ,
ख्यालें , कहीं दबा दी ....

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7 comments:

  1. थोड़ा ज्यादा ही समझदार बन खुद को खुदा समझ बैठते हैं,,,,,

    नवरात्रि की शुभकामनाएं,,,,

    RECENT POST ...: यादों की ओढ़नी

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  2. wah!but emotions bahut jaruri hai zinadgi may....ye hi hume insan banate hai.....par haan jyada samjhdari tho hum dikhate hi hain

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  3. कुछज़्यादा ही...........
    नवरात्रि की शुभ कामनाएं !!

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  4. इमोशनल फूल का सम्बन्ध इमोशनल फूल के साथ ही सही रहता है .... इसी बात पर इमोशनली हंस दीजिये

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  5. कितनी भी कोशिश करो , इमोशनल लोग फूल बनते ही है कई बार ...
    का कीजे !

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  6. अरे हम सब भी तो तुम्हारे साथ ही वही हैं..बस अब ज्यादा इमोशनल मत बनो..

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  7. सच लिखा है आपने हमारी imotions को दफन ही कर देता है जमाना !

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