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देवनागरी में लिखें

Tuesday, 8 September 2015

दंश ~ कालिख संघ मुख



कलियाँ खिली
ब्याही सुता हो जाती
स्व समर्पित

एक ब्याहता स्वयं समर्पण करती है .....
बलात्कृत तो कली कुचली जाती है ...... खिलती नहीं

 परिवार में लड़की अगर सुरक्षित नहीं तो परिवार की जरूरत ही नहीं

हम फिर इतिहास दोहराएंगे बहुत जल्द

आज ही फेसबुक पर जानकारी मिली कि किसी लड़की ने अपने साथ हुए ...... उसके घर के ही किसी सदस्य के हैवानियत के कारण ...... आत्महत्या कर ली ......

7 comments:

  1. एक आंख खोल देने वाली रचना। बहुत ही गंभीर विषय चुना है और विष्‍ाय की गंभीरता को सबके सामने लाकर रखा है। इसके लिए आपको धन्‍यवाद।

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  2. दर्दनाक और शर्मनाक

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  3. बेहद मर्मस्पर्शी और सारगर्भित रचना

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  4. लड़की अगर सुरक्षित नहीं तो परिवार की जरूरत ही नहीं...बेहद शर्मनाक

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  5. बेहद मर्मस्पर्शी

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