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माँ की प्रतिक्षाएँ
ना कोई गिला दंश सहे की कला प्रश्न माँ जबाब माँ स्व सोती गीला स्वेच्छा से स्वत्व त्याग थाती धैर्य का मिला माँ प्रतीक्षा करती है द्वार पर टँ...
ना कोई गिला दंश सहे की कला प्रश्न माँ जबाब माँ स्व सोती गीला स्वेच्छा से स्वत्व त्याग थाती धैर्य का मिला माँ प्रतीक्षा करती है द्वार पर टँ...
शुभकामनाएं
ReplyDeleteसुंदर पोस्ट।
ReplyDeleteसुन्दर पोस्ट...
ReplyDeleteआप को दीपावली की बहुत बहुत शुभकामनाएं...
नयी पोस्ट@आओ देखें मुहब्बत का सपना(एक प्यार भरा नगमा)
बहुत सुन्दर
ReplyDeleteइस रचना के लिए हमारा नमन स्वीकार करें
ReplyDeleteएक बार हमारे ब्लॉग पुरानीबस्ती पर भी आकर हमें कृतार्थ करें _/\_
http://puraneebastee.blogspot.in/2015/03/pedo-ki-jaat.html