अगर किसी विधा में मशीनगन चलाने की इच्छा हो ही जाए तो बकवास करने वाले को रोकना बकवास ही होगा क्या?
मद मर्दनMonday, 17 April 2023
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
मूल्यों का क़द
निखिल का पैतृक शहर विनाशकारी बाढ़ की चपेट में आ गया। बस्तियाँ डूब गईं, हाहाकार मच गया। राहत कार्य में जुटे थके-हारे निखिल ने जब पुस्तकालय का...




वैसे बकवास को बकवास ही काटेगी :)
ReplyDelete😀जी🙏
Delete