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देवनागरी में लिखें

Wednesday, 6 November 2013

ना समझ कौन





मुझसे बेहतर मुझे ,
कौन जान सका है …। 
मेरे बारे कौन ,
क्या कहता है 
क्या फर्क पड़ता है .....
मैं जानती हूँ 
मैं क्या हूँ .....




Lessons Learned In Life thank U

कोई ना समझ सके मुझे तो
ना समझ कौन ??
मैं तो नहीं ....

मेरी तलाश
अपूर्ण ही सही
मैं संतुष्ट हूँ ....

स्वाभिमान को
अभिमान समझना
भूल किसकी है
मेरी तो नहीं .....

गलत और सही का
मापदंड कौन तय करे
मेरी नज़र से जो सही
  तुम्हारी नज़र में वो गलत
फिर गलत कौन
मैं तो नहीं

~~





33 comments:

  1. स्वाभिमान को अभिमान मानने वाले की भूल , हमारी नहीं है … सही !

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  2. बहुत खूब ... खुद को कोई भी गलत नहीं मानना चाहता ....

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  3. मेरी नज़र से जो सही
    तुम्हारी नज़र में वो गलत
    फिर गलत कौन
    मैं तो नहीं

    आपकी रचना ने मुझे रसेल के पैराडॉक्स (विरोधाभास ) याद आ गया --रसेल कहता है ," जो दाढ़ी काटता है वह नाई (barber) है , मैं अपना दाढ़ी खुद काटता हूँ | क्या मैं नाई हूँ ?"
    नई पोस्ट फूलों की रंगोली
    नई पोस्ट आओ हम दीवाली मनाएं!

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    1. "ने " के बदले "से " पढ़ा जाय |

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  4. खुबसूरत प्रस्तुती....

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  5. आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (08-11-2013) को "चर्चा मंचः अंक -1423" पर लिंक की गयी है,कृपया पधारे.वहाँ आपका स्वागत है.

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    1. छठ पर्व की हार्दिक शुभकामनायें
      मेरे पोस्ट को शामिल करने के लिए आभार + धन्यवाद आपका.

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  6. Maa..bohot arthpoorna hai..mujhe in shabdon se bohot kuch seekhne ko mila..aur koshish yeh rahegi ki mey yeh hamesha yaad rakh kar jiyun. proud of you maa...

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  7. http://hindibloggerscaupala.blogspot.in/ अंक ४१ शुक्रवारीय चौपाल पर आपकी रचना को शामिल किया गया हैं कृपया अवलोकन हेतु पधारे ....धन्यवाद

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    1. छठ पर्व की हार्दिक शुभकामनायें
      मेरे पोस्ट को शामिल करने के लिए आभार + धन्यवाद आपका....

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  8. स्वाभिमान को
    अभिमान समझना
    भूल किसकी है
    मेरी तो नहीं .....

    गलत और सही का
    मापदंड कौन तय करे
    मेरी नज़र से जो सही
    तुम्हारी नज़र में वो गलत
    फिर गलत कौन
    मैं तो नहीं
    बहुत सही .....

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  9. didi bilkul sahi kaha apne.....apki ye rachna padh kar sach mey atmvishwash badh gaya mera...shukriya

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  10. मेरी तलाश/अपूर्ण ही सही/मैं संतुष्ट हूँ ..../
    मुझसे बेहतर मुझे ,/कौन जान सका है …।/मेरे बारे कौन/क्या कहता है/क्या फर्क पड़ता है ...../मैं जानती हूँ /मैं क्या हूँ ...../
    गलत और सही का/मापदंड कौन तय करे/मेरी नज़र से जो सही/ तुम्हारी नज़र में वो गलत/फिर गलत कौन/मैं तो नहीं.....बहुत ही सुन्दर पंक्तियाँ, आत्ममंथन करती हुई, कुछ यादें, कुछ सपने और फिर खुद में खोती हुई, एक अंतराल से दूसरे अंतराल तक एक नया रास्ता गढ़ती हुई रचना। बधाई।

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  11. Simple Sweet Word Mere Dilki Baat ,,,

    Bahut Sunder ,, GOD Aapko khushiya pradan kare !!

    http://kmsraj51.wordpress.com/

    http://kmsraj51.wordpress.com/
    __________________________
    Always Think Positive, Always Cool Mind,
    Always Think different then other people,
    Always Research minded,
    Always use Formula Try+Try+Try+Try+Try=Success,

    Regard`s
    Krishna Mohan Singh
    http://kmsraj51.wordpress.com/

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  12. Bahut Sunder Post !! God Aapko always Healthy Rakhe bus yahii Duaa hai Meri !!

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  13. wahhh di sahi kaha .. apni apni soch ... :)

    स्वाभिमान को
    अभिमान समझना
    भूल किसकी है
    मेरी तो नहीं .....

    गलत और सही का
    मापदंड कौन तय करे
    मेरी नज़र से जो सही
    तुम्हारी नज़र में वो गलत
    फिर गलत कौन
    मैं तो नहीं

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    Replies
    1. Bilkul Shii kha Sunita Agarwal Ji Aapne ,,

      Always Think Positive !!

      Regard`s
      Krishna Mohan Singh(kmsraj51).....
      http://kmsraj51.wordpress.com/

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  14. Simple Sweet Hindi Blog ...

    http://kmsraj51.wordpress.com/

    लोग मन्जिल को मुश्किल समझते है, हम मुश्किल को मन्जिल समझते है, बडा फरक है लोगो मे ओर हम मै, लोग जिन्दगी को दोस्त ओर हम दोस्त को जिन्दगी समझते है. आदते अलग हे हमारी दुनिया वालो से, कम दोस्त रखते हे मगर लाजवाब रखते है- क्योंकि बेशक हमारी माला छोटी है- पर फूल उसमे सारे गुलाब रखते हे...
    :- Krishna Mohan Singh (kmsraj51)....

    http://kmsraj51.wordpress.com/

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  15. बहुत बढ़िया. मैं नासमझ ..आने में देर कर दी :)

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  16. भूल किसकी है
    मेरी तो नहीं ...

    ......Sweet Word

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  17. फ़र्क़ इस बात से ही पड़ता है कि "मैं" अपने बारे में कितना जानता और समझता हूँ..... .... सुन्दर

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  18. कोई ना समझ सके मुझे तो
    ना समझ कौन ??
    मैं तो नहीं ....

    सत्य कहा है आंटी आपने...

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