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देवनागरी में लिखें

Sunday, 3 November 2013

बीती दीवाली



हाइकु {५७५}

रौशनी लाई 
खुशियों की सौगात 
बीती दीवाली 
~~



जो साड़ी - ब्लाउज , मैं पहनी हुई हूँ
वो मेरी खुद की बनाई हुई है ....




तांका {५७५७७}

बताशे मिले 
गुनगुनाते हुए 
खिलखिलाते 
खील गले उतारे 
दीप है अली मेरी 

~~

वन्दनवार
लज्जत ए इजहार
रौशन इश्क
हठी इस्तकबाल 
लिखा देहरी पर 

~~

5 comments:

  1. बहुत बढ़िया आंटी

    दीवाली मुबारक

    सादर

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  2. जगमग यादें ..हार्दिक शुभकामनायें

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  3. वाह... साड़ी बहुत सुन्दर है...दीपावली की शुभकामनाएं

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  4. वाह .... बहुत बढिया
    अनंत शुभकामनाएँ

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  5. दिये कि तरह जगमग यादें ....खुशियों की सौगात....वाह
    ......देरी से ही सही .....शुभकामनाएं ताई जी

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