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राग की थाती
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Interesting and Amazing World thank U .... मुझसे बेहतर मुझे , कौन जान सका है …। मेरे बारे कौन , क्या कहता है क्या फर्...
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वाह क्या बात है दी शानदार सृजन।
ReplyDeleteअरे वाह ताई जी क्या बात कही है
ReplyDeleteहार्दिक आभार आपका
ReplyDeleteआपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज बुधवार 01 जनवरी 2020 को साझा की गई है...... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!
ReplyDeleteबढ़िया
ReplyDeleteआपने बहुत साफ और सीधी बात कही है। मैं इसे ऐसे समझता हूँ कि अगर कोई इंसान बहुत ज्यादा महत्वाकांक्षी बनकर दूसरों को गिराने लगे, तो वह खतरनाक बन जाता है। जब हम अपनी तरक्की के लिए किसी और को चोट पहुँचाते हैं, तब हम गलत रास्ता चुनते हैं।
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