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देवनागरी में लिखें

Saturday, 11 January 2014

स्तब्ध हूँ



सोची नहीं थी कि ये आखरी मुलाकात होगी
अभी एक महीना भी तो नहीं गुजरा .... 

इतने प्यार से आशीर्वाद देने वाले राहुल के चौधरी चाचा ,
राहुल के पापा के हर सुख -दुःख  साथ देने वाले मित्र  …… 
29 साल से हमारा पारिवारिक रिश्ता था

आज का दिन बहुत सर्द था ……

चौधरी जी किसी काम से बैंक गये थे ,वहीँ वे गिर पड़े ,
वहाँ से उन्हें अस्पताल ले जाया गया ,जहां उन्हें मृत्य घोषित कर दिया गया ……
जिन्हें ब्लड प्रेशर की बीमारी हो उन्हें ठंढ से अपना बचाव करना चाहिए …… 

दो-चार दिन पहले ही कहीं पढ़ी थी कि 
अगर किसी को दिल में दर्द हो तो 
जोर जोर से खांसना चाहिए जिससे 
अगर दिल का दौरा हो तो इलाज़ का समय मिल जाये .... 

सोची जब अंजू से बात होगी तो बताउंगी 
लेकिन 

5 comments:

  1. ऐसा अक्सर होता है कि अनहोनी अपनी होनी को पहले ही बता देती है लेकिन हम समझ नहीं पते ...!
    दुखद ..!
    नमन .....

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  2. श्रद्धांजलि !

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  3. :( रद्धांजलि !

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