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देवनागरी में लिखें

Friday, 7 December 2012

समय बलवान होता है ??

समय बलवान होता है .... समय सब ठीक करता है .... सुनते - सुनते बड़ी हुई ......... लेकिन समय ये दिन दिखलायेगा कभी नहीं सोची थी .........
मौसी(चाची की बहन) का बेटा ,मौसेरा भाई ,जिसे बचपन से होनहारसमझदार मानती रही ........ इस तरह आत्महत्या कर लेगा कभी नहीं सोची थी .........
मौसी शुरू से तेज़ - तरार थीं ये तो मैं जानती थी ........ लेकिन बेटे के प्रति possessive होगीं ये तो वे ख़ुद नहीं समझ पायी होगीं ........... मौसी को दो बेटी और एक बेटा था पुलक* .....
जब से चाचा की शादी हुई  ,चाची की बहनों से हमेशा मुलाक़ात होती रही ,क्यों कि वे ज्यादातर चाची के साथ ही होतीं ... एक बहन मेरी हमउम्र थी .... इसलिए उससे मेरी दोस्ती भी गहरी थी ....समय के साथ हम बड़े होते गए और हमारी शादी हुई और हम अपनी गृहस्थी में रमते गये  ,जिसे जैसा घर - बार मिला वहीँ के होकर रहे ,लेकिन चाची के बाद वाली  बहन शादी के बाद भी चाची के साथ ही रही .... क्या कारण था मेरे समझ से बाहर था ,क्यों कि मौसा मुझे बहुत समझदार ,पढे-लिखे सुलझे - शान्त विचारों वाले इन्सान लगते .... मौसा प्रोफेसर थे .... कुछ वर्ष अलग-अलग शहरों में घुमने के बाद 18 साल से हम ( मैं - चाचा का परिवार - चाची के दोनों बहनों का परिवार ) पटना में रह रहे  हैं .......... जब भी राखी - बजड़ी में चचेरे भाइयों के लिए चाचा के घर जाती पुलक जरुर मिलता ,बहुत प्यार से कलाई पर राखी बंधाता - बजड़ी खाता .... वो अपनी नौकरी और मौसा तनाव - अवसाद से ग्रस्त होने से बीमार हो गये थे ,उनकी देखभाल में व्यस्त रहता था ....... फरवरी 2012 में उसकी शादी भी हुई थी ........... उसे पत्नी बहुत अच्छी मिली थी .... सुनकर मन बहुत खुश होता था ..... छठ के दिन  उसने आत्महत्या कर ली .... उसकी पत्नी मैके गई थी ..... पुलक भी ससुराल जाना चाहता था मौसी उसे जाने नहीं दी ..... वो मर गया ...... अपनी 8 महीने की ब्याहता को  किस के भरोसे छोड़ गया ........ उस बेचारी के पिता भी नहीं हैं ....

10 comments:


  1. ओह…
    बहुत दुःख हुआ पोस्ट पढ़ कर …

    ईश्वर दिवंगत की आत्मा को शांति और परिवारजनों को यह भीषण आघात सहने की शक्ति दे …
    जो हुआ , बुरा हुआ … लेकिन अब मौसी को पुलक की विधवा का पुनर्विवाह करवाने का अपना दायित्व निभाना चाहिए

    भगवान सबका भला करे !

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  2. ऐसी मौत सबके लिए दुखदाई होती है .....
    विन्रम श्रद्धांजलि!

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  3. बहुत दुख हुआ जान कर!
    ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्मा को शांति एवं आप सभी को को यह दुख सहने की शक्ति प्रदान करें।


    सादर

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  4. बहुत दुखद घटना,,,
    ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दे,,,

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  5. बहुत ही दुखद बहुत दुखद घटना,
    पढ़ कर मेरी तो ऑंखें भर आयी
    ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दे,,,

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  6. बहुत ही दुखद बहुत दुखद घटना,
    पढ़ कर मेरी तो ऑंखें भर आयी
    ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दे,,,

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  7. दुखद समाचार. इश्वेर दिवंगत की आत्मा को शांति प्रदान करें.

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  8. Oh My God!!!!!! bahut dukhab ghatna ..... ishwar kiski ko bhi aise durbudhi na de .... or pulak ki aatma ko shanti de..... jane wala chala gya chod gya ek pachtawa maa ke liy ...... umar bhar ka santaap wife ke liy .....Bahut dukh ho raha hain paadh kar

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