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देवनागरी में लिखें

Friday, 7 March 2014

हाइकु


हाइकु {5 / 7 / 5}

1

अपना फ्रिज़ 
ईश किया ड़ी-फ्रॉस्ट ,
बारिश ओले ।

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2

शजर रोता
आवारा पतावर
उदास होता

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3

पाती प्रेम की
पतावर ले जाता
तेरा व मेरा ।

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4

आवाजाही है
वसंत पतझड़
सुख दुःख सा ।

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5

बनाता बीजू
हवा किसान बना
बनक बढ़ा ।

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6

अबोध बच्ची
साउज समझता
दुष्कर्मी साँप ।

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7

प्यार आशीष
बे हिसाब बे मोल
आँचल सिंधु ।

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8

स्त्रियाँ एक हो
चुटकी में चूर हो
अंब हांथ हो ।

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9

प्यार आशीष
बेहिसाब बेमोल
आँचल सिंधु ।

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10

विदेशी पिया
भार्याक्षि पथ तके
प्रवासी पक्षी।

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10 comments:

  1. चित्र खींचते हाइकू..

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  2. बहुत सुंदर प्रस्तुति.
    इस पोस्ट की चर्चा, शनिवार, दिनांक :- 08/03/2014 को "जादू है आवाज में":चर्चा मंच :चर्चा अंक :1545 पर.

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  3. सार्थक और विचारणीय हाइकु...

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  4. बहुत सुंदर हायकू......

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आपको कैसा लगा ... ये तो आप ही बताएगें .... !!
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