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देवनागरी में लिखें

Monday, 25 August 2014

धन



आखिर विवेक की भी मौत हो गई
विवेक विभा जी का बड़ा बेटा
बाप दादा का अर्जित धन हाथ लगा
धन में पटीदार कोई न हो इसलिए 
उसने सगे भाई को शराब में भांग
मिला कर पिला दिया 
बहुत जद्दोजहद से भाई की जान डॉ बचा सके 

शराब में भांग मिल जाए तो 
बहुत जहरीला हो जाता है 
तभी मुझे जानकारी मिली 

भाई घर छोड़ कर ससुराल में रहने लगा 
उसकी पत्नी एकलौती बेटी थी 
उसे भी एक ही बेटी है 

पिता से धरोहर में मिली शराब की दुकान
बेचना कम पीना ज्यादा
सब भाइयों को शराब की लत लगी
लेकिन सबसे ज्यादा विवेक पिता था
अंत समय में शरीर का एक एक शिरा को 
फाड़ कर खून बाहर निकला
बहुत बुरी मौत मरा 

क्या मिला ??
धन तो पड़ा है 
दिल पर जोर चलना चाहिए 
क्यूँ कि
 हम चला सकते हैं विवेक से .

4 comments:

  1. बहुत बढिया...्विभा शुभकामनाएं

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  3. असल विवेक होना जरूरी है ...
    सोचने को विवश करती रचना ...

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