Pages

देवनागरी में लिखें

Friday, 13 September 2013

न्याय अधूरा









9 महीने
वेदना और संघर्ष के दिन एक परिवार के लिए ....
करोड़ों मुख से निकला
दुआओं - प्रार्थनाओं का फल है
ये फांसी का दण्ड ,लेकिन
अभी खुश होने का समय नहीं आया है ....
अभी हमारे महामहिम के पास अर्जी जानी बाकी है ....
हिंदुस्तान है मेरे दोस्त
चुनाव भी नजदीक है
वैसे भी ये न्याय अधूरा है ....
कोई तो मुस्कुरा रहा है
न्याय प्रणाली का मज़ाक उड़ा रहा है ....
हमारा खून जला रहा है .....

15 comments:

  1. हिंदुस्तान है मेरे दोस्त
    चुनाव भी नजदीक है
    वैसे भी ये न्याय अधूरा है ....
    कोई तो मुस्कुरा रहा है
    न्याय प्रणाली का मज़ाक उड़ा रहा...

    बहुत खूब,सुंदर सृजन !!

    RECENT POST : बिखरे स्वर.

    ReplyDelete
  2. सुंदर रचना...
    आप की ये रचना आने वाले शनीवार यानी 14 सितंबर 2013 को ब्लौग प्रसारण पर लिंक की जा रही है...आप भी इस प्रसारण में सादर आमंत्रित है... आप इस प्रसारण में शामिल अन्य रचनाओं पर भी अपनी दृष्टि डालें...इस संदर्भ में आप के सुझावों का स्वागत है...

    उजाले उनकी यादों के पर आना... इस ब्लौग पर आप हर रोज 2 रचनाएं पढेंगे... आप भी इस ब्लौग का अनुसरण करना।

    आप सब की कविताएं कविता मंच पर आमंत्रित है।
    हम आज भूल रहे हैं अपनी संस्कृति सभ्यता व अपना गौरवमयी इतिहास आप ही लिखिये हमारा अतीत के माध्यम से। ध्यान रहे रचना में किसी धर्म पर कटाक्ष नही होना चाहिये।
    इस के लिये आप को मात्रkuldeepsingpinku@gmail.com पर मिल भेजकर निमंत्रण लिंक प्राप्त करना है।



    मन का मंथन [मेरे विचारों का दर्पण]


    ReplyDelete
  3. शुभ संध्या दीदी
    अच्छा मजाक है
    चलो छः महीने और जी लेने दो
    यमदूत खाली नहीं न हैं

    सादर

    ReplyDelete
  4. हिंदुस्तान है मेरे दोस्त
    चुनाव भी नजदीक है
    वैसे भी ये न्याय अधूरा है ....
    कोई तो मुस्कुरा रहा है
    न्याय प्रणाली का मज़ाक उड़ा रहा है ....
    हमारा खून जला रहा है .....
    वास्तविक अभिव्यक्ति .

    ReplyDelete
  5. आज की विशेष बुलेटिन हिंदी .... ब्लॉग बुलेटिन में आपकी इस पोस्ट को भी शामिल किया गया है। सादर .... आभार।।

    ReplyDelete
  6. ज़रुरत तो यही थी की क़ानून में बदलाव कर उस मुस्कुराने वाले को भी यही सजा मिलनी चाहिए थी.

    ReplyDelete
  7. बहुत सुन्दर प्रस्तुति.. आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी पोस्ट हिंदी ब्लॉग समूह में सामिल की गयी और आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल - रविवार - 15/09/2013 को
    भारत की पहचान है हिंदी - हिंदी ब्लॉग समूह चर्चा-अंकः18 पर लिंक की गयी है , ताकि अधिक से अधिक लोग आपकी रचना पढ़ सकें . कृपया आप भी पधारें, सादर .... Darshan jangra





    ReplyDelete
  8. सही कहा आपने खून जल रहा है,,,,,,,

    ReplyDelete
  9. बचाव पक्ष {दोषियो}के वकीलों तक की यही सजा होनी चाहिए,यही नही सभी वहशियो और विकृत मानसिकता के बलात्कार के दोषियो कों फंसी होनी चाहिए ,चाहे संसद में हों ,चाहे सरकार में |

    ReplyDelete
  10. SAHI KAHA DIDI APNE.....PAR SACH MEY JO BHI AISA KARTA HAI UN SABKO YAHI SAZA MILE....AUR US MUSKURANE WALE KO BHI...

    ReplyDelete
  11. बिल्कुल सही कहा आपने .....

    ReplyDelete
  12. न्याय हुआ है, देश मुदित है..

    ReplyDelete
  13. कोई तो मुस्कुरा रहा है
    न्याय प्रणाली का मज़ाक उड़ा रहा है ....
    हमारा खून जला रहा है !
    ..........सही कहा आपने

    ReplyDelete

आपको कैसा लगा ... ये तो आप ही बताएगें .... !!
आपकी आलोचना की जरुरत है.... ! निसंकोच लिखिए.... !!