Monday, 4 November 2013

बीती दीवाली



हाइकु {५७५}

रौशनी लाई 
खुशियों की सौगात 
बीती दीवाली 
~~



जो साड़ी - ब्लाउज , मैं पहनी हुई हूँ
वो मेरी खुद की बनाई हुई है ....




तांका {५७५७७}

बताशे मिले 
गुनगुनाते हुए 
खिलखिलाते 
खील गले उतारे 
दीप है अली मेरी 

~~

वन्दनवार
लज्जत ए इजहार
रौशन इश्क
हठी इस्तकबाल 
लिखा देहरी पर 

~~

5 comments:

  1. बहुत बढ़िया आंटी

    दीवाली मुबारक

    सादर

    ReplyDelete
  2. जगमग यादें ..हार्दिक शुभकामनायें

    ReplyDelete
  3. वाह... साड़ी बहुत सुन्दर है...दीपावली की शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  4. वाह .... बहुत बढिया
    अनंत शुभकामनाएँ

    ReplyDelete
  5. दिये कि तरह जगमग यादें ....खुशियों की सौगात....वाह
    ......देरी से ही सही .....शुभकामनाएं ताई जी

    ReplyDelete

आपको कैसा लगा ... यह तो आप ही बताएगें .... !!
आपके आलोचना की बेहद जरुरत है.... ! निसंकोच लिखिए.... !!

थाती का व्यास

पटना -२० फरवरी २०२६ भाई राजेन्द्र, सस्नेहाशीष! आशा करती हूँ, सपरिवार तुम सानन्द होगे। तुम जब पिछली बार पटना आए थे तब भी रामदीन को लेकर चिन्त...