Friday, 8 March 2013

नारी नापे त्रिभुवन




किस्सा सुना सबनें 
विष्णु बने बामन
नापे तीन डग में त्रिलोक 
नारी ने की अनुसरण 
स्नेह बेटी रूप में 
साहस पत्नी रूप में 
संवेदना बहू रूप में 
स्नेह ,साहस और संवेदना
पा माँ रूप में ,
नारी नापे त्रिभुवन 

बनना नहीं किसी की देवी 
बनना नहीं किसी की दासी 
भुलाना नहीं तुम हो जननी जगतजननी रूपा 
भुलाना नहीं अपने जज्बातों को 
निभाना अपने चुने रिश्तों को 
निभाना अपने मिले दायित्वों को 
डरना नहीं दहलीज़ पार की तो 
डरना नहीं मंजिल नहीं दिख रही तो 
थामना अपने हौसले के पंख को 
थामना मदद मांगने वाले हांथो को
दहाड़ना दिखे कामुक आँख तो 
दहाड़ना रोके कोई राह तो 
पकड़ना अपने ऊपर उठे हाँथ को 
पकड़ना कलम बेलन तलवार को 
जूझना जो झंझावत आये तो 
जूझना दक्षता का अवसर आये तो 
सीखना नए युग के चलन को 
सीखना पुराने युग के अनुभव को 
गुर्राना हक़ है तुम्हारा तो 
गुर्राना सही अवसर हो तो ....... 






21 comments:

  1. स्त्री विशेष ..

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  2. बहुत सुन्दर पंक्ति लिखी है दीदी आपने.......

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  3. बहुत सटीक और प्रभावी अभिव्यक्ति...

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  4. जब गुर्राना जरुरी हो तो पीछे नहीं नहीं हटना !
    प्रेरक !

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  5. बहुत सुन्दर सन्देश दिया , अब बस इसी की जरूरत है.

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  6. प्रभावी सन्देश देती सुंदर रचना,,,,

    Recent post: रंग गुलाल है यारो,

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  7. bilkul sahi kaha didi....sab agar aise ho jaye fir jeenay mey maza aye....bahut parbhavshali likhte ho aap

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  8. Waah Didi.... Bemishal Rachna
    Sundar Or Uttkrisht Seekh Ke Saath.
    Saadar Pranaam.

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  9. प्रेरणादायी...सटीक भाव

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  10. बहुत सुन्दर | अत्यंत भावपूर्ण तथा प्रेरणा के स्रोत से ओत प्रोत कविता | बधाई

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  11. प्रेरक और समसामयिक प्रस्तुति

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  12. वक्त की यही पुकार है

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  13. बहुत अच्छा संदेश आंटी।


    सादर

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  14. गुर्राना हक़ है तुम्हारा तो
    गुर्राना सही अवसर हो तो .......

    सही कहा ...!!

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  15. नारी ने की अनुसरण
    स्नेह बेटी रूप में
    साहस पत्नी रूप में
    संवेदना बहू रूप में
    स्नेह ,साहस और संवेदना
    पा माँ रूप में ,

    बहुत सुंदर सत्य विचार.

    शिवरात्रि की शुभकामनाएँ.

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  16. बहुत सुंदर और भावपूर्ण प्रस्तुतिकरण एक गहरे अर्थ के साथ, विषयपरक-----बधाई

    मेरे ब्लॉग में भी सम्मलित हों----आग्रह है
    jyoti-khare.blogspot.in







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  17. बहुत सुद्नर आभार आपने अपने अंतर मन भाव को शब्दों में ढाल दिया
    आज की मेरी नई रचना आपके विचारो के इंतजार में
    एक शाम तो उधार दो

    आप भी मेरे ब्लाग का अनुसरण करे

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  18. नव रात्री की शुभ-कामनाएं .

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