
सभी को असीम शुभ कामनायें
शशि मुखरा / बदली घेर गई / भार्या दहके
डाह के अंधे / शाप भूला ना होगा / धैर्य डहके
सुन के धौंस / छिपा जो मनुहारी / बना वो तोषी
सजा करवा / अचल हो सुहाग / आस चहके
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युद्धान्तहीन— पृष्ठों के युद्धपोत बाड़ के पास ## ख़िंज़ाँ की शाम— ग्रहण में ही रहा आह या वाह ## तुम और मैं ना/क्यों ‘हम' नहीं रहे— ख़िज...
बहुत हि सुंदर फोटो व मुक्तक , धन्यवाद !
ReplyDeleteInformation and solutions in Hindi ( हिंदी में समस्त प्रकार की जानकारियाँ )