Sunday, 12 October 2014
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अदर्ज लेखा
“भैया ने मुझे तीन लाख रुपये कब दिए?” “यह किसने कहा?” “आपने छोटी भाभी से कहा है न?” “चुग़लीखोर से मैंने सिर्फ़ इतना कहा था कि गृहप्रवेश पर एक...
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Interesting and Amazing World thank U .... मुझसे बेहतर मुझे , कौन जान सका है …। मेरे बारे कौन , क्या कहता है क्या फर्...
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(1) पीली चुनर ओढ़े हठी धरणी मधुऋतु में ************* (2) षट रागिनी कुहू लगे मन पे कुसुमागम ************* (3) किंशुक छाया वशीभूत अचल...


बहुत बढ़िया !
ReplyDeleteसाजन नखलिस्तान
बहुत बढिया आपने बहुत खुब लिख हैँ। आज मैँ भी अपने मन की आवाज शब्दो मेँ बाँधने का प्रयास किया प्लिज यहाँ आकर अपनी राय देकर मेरा होसला बढाये
ReplyDeleteबहुत सुंदर हायकू.
ReplyDeleteमुझे बहुत अच्छा लगा
ReplyDeleteआपका आँगन गूँजेगा पक्षियो की चहचाहाट से
बहुत सुन्दर दी ...सादर नमस्ते
ReplyDeleteसुंदर प्रस्तुति। कम शब्दों में गहरे अर्थों को संजोये।
ReplyDeleteगहरे अर्थ लिए छोटे छोटे शब्द ... लाजवाब हाइकू रोशनी लिए ...
ReplyDeletegagar me sagar ......
ReplyDeleteदीपावली का अर्थ लिए हुए सुन्दर हाइकू ....
ReplyDeleteबहुत सुंदर
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