
सभी को असीम शुभ कामनायें
शशि मुखरा / बदली घेर गई / भार्या दहके
डाह के अंधे / शाप भूला ना होगा / धैर्य डहके
सुन के धौंस / छिपा जो मनुहारी / बना वो तोषी
सजा करवा / अचल हो सुहाग / आस चहके
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आज ना तो संयुक्त परिवार है और ना सासू जी के नुकीले दाँत बचे हैं- बेटियाँ ससुराल में नहीं रह रही -बेटों का रूप बदला है… समाज में अभी अनेक ऐसे...
बहुत हि सुंदर फोटो व मुक्तक , धन्यवाद !
ReplyDeleteInformation and solutions in Hindi ( हिंदी में समस्त प्रकार की जानकारियाँ )