Friday, 1 July 2022

स्थापना दिवस समारोह

 

[30/06, 5:01 pm] सुधीर जी : *सभी आमंत्रित हैं

*स्वागत है आप सभी का

*३०/६/२२* सायं ५:०० से रात्रि ११:३० व्हाट्सएप्प पटल पर

*एक विशेष आयोजन*:*मगसम के १२ वर्ष* 

***

मंजिल ग्रुप साहित्यिक मंच(मगसम) को इस वर्ष स्थापित हुए 12 वर्ष होने को आए हैं, इस 12 वर्षों में संस्था से  जुड़े सदस्य और पदाधिकारी संस्था के इस लंबे से इतिहास के बारे में क्या सोचते हैं ? उन्हें क्या महसूस होता है? इस पर चर्चा विचार विमर्श किया जाएगा। सभी अपने विचार रख सकेंगे।

वर्ष 2010 से लेकर वर्ष 2022 तक हमने  साहित्य जगत से क्या कुछ खोया, हमने क्या कुछ पाया। इस  संबंध में चर्चा करेंगे।

संस्था के द्वारा इन 12 वर्षों में हजारों के संख्या में देश और विदेश के रचनाकार को *श्रोता और पाठक* के 📗📗आधार पर,उनके शहर गाँव,उन्हीं के जिले में जाकर सम्मानित किया गया है। सभी  सम्मानित रचनाकार अपने विचार आज इस पटल पर रख सकेंगे।

जिन साथियों के पास उन सभी  कार्यक्रमों की दस्तावेज व  फोटोग्राफ होंगे  उन्हें उसे पटल पर रखने का अवसर मिलेगा। अधिकतम 2 फोटो

बहुत सारी बातें होंगी। यह कार्यक्रम 30/6/22 को  सायंकाल 5:00 बजे प्रारंभ होगा और रात्रि 11:30 बजे तक चलेगा।

      इस पटल पर संस्था के 100 से अधिक रचनाकार सदस्य संपूर्ण भारत से हैं हम सभी को एक साथ इस भव्य कार्यक्रम में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित करते हैं।

कार्यक्रम में भाग लेने वाले :-

०१/ अनुराग

२०१७ से २०२२ की यादें

०२/ पुस्पेंदर

२०१५ से २०२२ की यादें

०३/ ज्ञांती सिंह 

२०१० से २०२२ की यादें

०४/ सुधीर सिंह सुधाकर 

२०१० से २०२२ की यादें

०५/ वीणा मेदनी 

     2017 से 2022 की यादें 

०६/निर्मला कर्ण 

        2020 से 2022

०१/अंजनी कुमार सुधाकर ०२/अनीता सोनी ०३/केशव चंद्र शुक्ला ०४/गीता सिन्हा गीतांजलि ०५/ज्योति तिवारी ०६/डॉक्टर भूमिका श्रीवास्तव ०७/डॉ रमा बहेड ०८/नवीन जैन ०९/नाथू लाल मेघवाल १०/मदन मोहन शर्मा सजल ११/मोती प्रसाद साहू १२/राजेश तिवारी मक्खन १३/रामबाबू शर्मा राजस्थानी १४/अरुणा रश्मि दीप्त १५/ वीणा मेदनी १६/ शिखा  अरोरा १७/ शिवालिका सिंह कुशवाहा १८/ शोभा पाठक १९/ सरला विजय सिंह सरल २०/ स्वर्ण ज्योति २१/ प्रशांत करण २२/ नरेंद्र परिहार २३/ अजय यादव २४/ अरुणिमा रेखा २५/ अर्चना जैन २६/ अल्पना नागर २७/ आशा जाकड २८/ आशा दिनकर २९/ आशा शर्मा ३०/ इरा जौहरी ३१/ उर्मिला श्रीवास्तव उर्मी ३२/ उषा जैन ३३/ उषा वर्मा वेदना ३४/ कमल किशोर कमल ३५/ कमल पुरोहित ३६/ कविता सिंह ३७/ किरण वैद्य कठिन ३८/ केवरा यदू मीरा ३९/ गिरीश चंद्र ओझा इंद्र ४०/ गीता चौबे गूंज ४१/ चंद्रकला भारतीय ४२/ ज्योति हरी प्रसाद श्रीवास्तव ४३/ डॉ सविता मिश्रा माधवी ४४/ डॉ शशि मंगल ४५/ डॉक्टर त्रिवेणी प्रसाद दूबे मनीष ४६/ डॉक्टर अनिता राज जैन विपुला ४७/ डॉक्टर ज्ञानचंद मर्मज्ञ ४८/ डॉक्टर मंजू रुस्तगी ४९/ डॉ सुधा चौहान राज ५०/ डॉक्टर सुशील शर्मा ५१/ दीप्ति सक्सेना दीप्त ५२/ नरेंद्र कुमार ५३/ नवीन मौर्य ५४/ निर्मला कर्ण ५५/ पुरुषोत्तम शाकद्वीपी ५७/ पूनम शर्मा स्नेहिल ५८/ प्रकाश राय ५९/ प्रवेश स्वरूप खरे ६०/ बी एल नायक ६१/ मधु अरोरा ६२/ मधु दायमा ६३/ योगिता चौरसिया ६४/ रमेशचंद द्विवेदी ६५/ राम हेतार मेघवाल ६६/ रेणु बाला धार ६७/ विद्या कृष्णा ६८/ विनीता निर्झर ६९/ विनोद कुमार हसोड़ा ७०/ विभा रानी श्रीवास्तव, पटना ७१/ शिल्पी भटनागर ७२/ श्रीमती कमल अरोड़ा ७३/ श्रीमती पुष्पा शर्मा ७४/ श्रीमती शशि ओझा ७५/ श्रीमती सरोज सिंह ठाकुर ७६/ रवि प्रकाश वोहरा ७७/ संध्या जावली ७८/ सुरंजना पांडे ७९/ सुशीला वसीटा दामिनी ८०/ स्वीटी गोस्वामी ८१/ मकसूद शाह ८२/हेमचंद सकलानी ८३/ सुषमा सिन्हा ८४/ सीमा गर्ग मंजरी ८५/ नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर ८६/ वीना आडवाणी तन्वी ८७/ अमिता रवि दुबे ८८/ सुधीर श्रीवास्तव ८९/ विनोद कुमार सिल्ला ९०/ नीरू मोहन बागेश्वरी ९१/ कालिका प्रसाद सेमवाल ९२/ सरला विजय सिंह सरल ९३/ डॉक्टर माधवी मिश्रा शुचि ९४/ कृष्णकांत दरौनी ९५/ राजेश्वरी जोशी ९६/ अरुणा अग्रवाल ९७/ विपुल माहेश्वरी ९८/ गीतांजलि वाष्णेय सुयांजलि 

संस्था के वे साथी जो अभी तक जोड़ नहीं पाए हैं । मंच संदेश संचालकों से निवेदन है कि अगर वह उन्हें जोड़ना चाहते हैं ,इस कार्यक्रम में अपनी बात रखना चाहते हैं तो उन्हें जोड़ें अपने-अपने पटल पर यह संदेशा छोड़ें 4:00 बजे तक उन्हें जोड़ दें।

*विशेष/*

राज्य सरकार द्वारा राजस्थान में कई शहरों में कई जिलों में इंटरनेट सेवा बाधित कर दी गई है इसलिए राजस्थान के कई शहरों से हमारा संपर्क टूटा हुआ है।

             अगर आज संध्या तक इंटरनेट सेवा बहाल नहीं होती है तो यह कार्यक्रम 4 जुलाई 2022 या फिर 7 जुलाई 2022 को पुनः जारी किया जाएगा ताकि राजस्थान के तमाम साथी हमारे इस कार्यक्रम से जुड़ सकें।

अतः इस कार्यक्रम को पार्ट ०१ मान कर हम चलते हैं।

आज के कार्यक्रम के लिए सभी का स्वागत है सभी 4:50 पर कार्यक्रम में सम्मिलित हो जाने के लिए उपस्थित रहें।

अनुराग

[30/06, 5:01 pm] सुधीर माँपेरचना: *मैराथन साहित्यिक मंथन*

आज से हम उस कार्यक्रम का प्रारंभ करने जा रहे हैं, जिसमें साहित्यिक मंथन चिंतन का दौर चलेगा। यह कार्यक्रम 1 जुलाई 2022 से प्रारंभ होकर 15 जुलाई 2022 तक चलेगा।

[30/06, 5:02 pm] सुधीर माँपेरचना: आप सभी को जैसा कि ज्ञात  ही है। मंजिल ग्रुप साहित्यिक मंच की स्थापना वर्ष 2010 में 15 जुलाई के दिन की गई थी।

[30/06, 5:05 pm] सुधीर माँपेरचना: 5 साहित्यकारों को साहित्यिक समारोह में बुलाया गया लगभग डेढ़ हजार किलोमीटर की यात्रा कर कर जब वह दिल्ली पहुंचे तो उनको कार्यक्रम में मंच पर रचना पाठ करने का अवसर नहीं दिया गया।

     प्रेस दीर्घा में उस समय इस संस्था के सभापति जिनकी उम्र इस समय 96 वर्ष है जो इस समय कनाडा में हैं। तथा इस संस्था के राष्ट्रीय संयोजक भारतवर्ष सुधीर सिंह सुधाकर जी उस कार्यक्रम में उपस्थित थे।

[30/06, 5:08 pm] सुधीर माँपेरचना: उस कार्यक्रम से उन 5 साहित्यकारों को इंडिया गेट लेकर पांच सदस्य पहुंचे सबने उन साहित्यकारों की रचनाओं का रचना पाठ का आनंद लिया उसके बाद भी रचनाकार ट्रेन से अपने शहर को वापस चले गए।

[30/06, 5:08 pm] सुधीर माँपेरचना: एक साहित्यकार की द्वारा एक साहित्यकार की इस तरह से  बेज्जती सभापति जी को बर्दाश्त नहीं हो और उसी क्षण उन्होंने सात ngo की मीटिंग बुलाई और मीटिंग के दौरान 2 घंटे के चर्चा विचार विमर्श के बाद मंजिल ग्रुप  साहित्यिक मंच का गठन कर दिया गया।

[30/06, 5:09 pm] सुधीर माँपेरचना: अगले सात दिनों तक इस संस्था के नियम शर्तें क्या हो इस पर भी चर्चा हुई और तब जाकर 15 जुलाई 2010 को इस संस्था का विधिवत निर्माण किया गया।

[30/06, 5:11 pm] सुधीर माँपेरचना: इस संस्था का पहला कार्यक्रम पटना बिहार में आयोजित हुआ जिसमें कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय सभापति जी ने की थी।

    उस कार्यक्रम में सबसे पहली रचना मुंशी प्रेमचंद की बूढ़ी काकी कहानी पढ़ी गई थी। जिसे वहां उपस्थित 12 सदस्यों ने📒📒📒📒 पीला कार्ड भी दिया था।📗📗📗📗📗📗26 ने दिया था।📕📕📕लाल कार्ड किसी ने नहीं दिया था।

[30/06, 5:12 pm] सुधीर माँपेरचना: कार्यक्रम में जब हरा कार्ड की महत्ता को लोगों ने अच्छी तरह से जाना तो सभी ने मुंशी प्रेमचंद की रचना को हरा कार्ड ही देना चाहा पर जिन्होंने जो दिया था वही अंकित किया गया और आज तक वहीं अंकित है।

4 comments:

  1. आपकी इस प्रविष्टि के लिंक की चर्चा कल शनिवार (02-07-2022) को चर्चा मंच     "उतर गया है ताज"    (चर्चा अंक-4478)     पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य यह है कि आप उपरोक्त लिंक पर पधार कर चर्चा मंच के अंक का अवलोकन करे और अपनी मूल्यवान प्रतिक्रिया से अवगत करायें।
    -- 
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'    

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  2. हार्दिक शुभकामनाएं।

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