Subscribe to:
Post Comments (Atom)
जड़ों की साँसें
अन्तरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस के अवसर पर, विशेष ज्ञान- परबचन का शौक नहीं है– अनुभवजन्य बाँटने का प्रयास है— “हम उलझे रहते हैं —ऐसा हुआ रहता तो ऐ...
-
Interesting and Amazing World thank U .... मुझसे बेहतर मुझे , कौन जान सका है …। मेरे बारे कौन , क्या कहता है क्या फर्...
-
(1) पीली चुनर ओढ़े हठी धरणी मधुऋतु में ************* (2) षट रागिनी कुहू लगे मन पे कुसुमागम ************* (3) किंशुक छाया वशीभूत अचल...





बहुत सुन्दर...जय हिन्द
ReplyDeleteअरे वाह चाची जी ,बहुत बढ़िया ............बहुत सुंदर |जय हिन्द
ReplyDeleteWah didi....jai hind
ReplyDeleteWaah ...Bahut Badhiya .... Jai Hind
ReplyDeleteमुझे ये फोटोज देखकर बहुत अच्छा लगा..एक उत्साह सा मन में उठा।ये वक्त आपके लिए भी कितना सुखद रहा होगा मैं समझ सकती हूँ ..जय हिन्द
ReplyDeleteइस ब्लॉग की सब से अच्छी पोस्ट।
ReplyDeleteसादर
बहुत सुन्दर .
ReplyDeleteनई पोस्ट : दिशाशूल : अंधविश्वास बनाम तार्किकता
अरे वाह तुस्सी भी ग्रेट हो जी..क्या बात है..
ReplyDeleteवाह, झंडा ऊँचा रहे हमारा।
ReplyDeleteझंडा ऊँचा रहे हमारा
ReplyDeleteजय हिन्द
सुंदर ... photograps
ReplyDeleteबसंत पंचमी कि बधाई.../मेरे भी ब्लॉग पर आये
jai hind