Thursday 7 August 2014

राखी की असीम शुभ कामनायें



1

लाई बहना 
अक्षत वरदान 
राखी गहना। 

2

प्यारा सा आस
सुरक्षा का कवच
धागा से बाँध। 

3

शत्रु भी बंधे 
स्नेह से अलंकृत 
धागे की शक्ति। 

4

धागा भंगुर 
लोहे से मजबूत 
स्नेह में पक।

5

निरर्थक है
रक्त बन्धु की खोज
कच्चे धागे का। 

6

साध मिटाती
बांध कान्हा को राखी 
दूजा ना भाई। 

7

गांठ अजूबा
रिश्ता दृढ करता
कच्चे धागे का। 

8

आस में डोरी 
झांके द्वार देहरी
व्यग्र बहना।

==

8 comments:

  1. राखी से जुडी बहुत सुंदर हायकू.
    नई पोस्ट : आमि अपराजिता.....

    ReplyDelete
  2. सुन्दर हाइकू ...शुभकामनाएं

    ReplyDelete
  3. Replies
    1. असीम शुभकामनायें
      आभारी हूँ .... बहुत बहुत धन्यवाद आपका

      Delete
  4. बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति, रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनायें।

    ReplyDelete
  5. वाह ... अनुपम भावों को संयोजन

    ReplyDelete
  6. रक्षा बंधन पर सुंदर हाइकू। शुभ कामनाएँ।

    ReplyDelete

आपको कैसा लगा ... यह तो आप ही बताएगें .... !!
आपके आलोचना की बेहद जरुरत है.... ! निसंकोच लिखिए.... !!

लड्डू : फूटना मन का!

जॉर्ज बर्नाड शॉ ने कहा है, “दुनिया में दो ही तरह के दु:ख हैं —एक तुम जो चाहो वह न मिले और दूसरा तुम जो चाहो वह मिल जाए!” हमलोग कामख्या मन्दि...