Thursday 24 August 2023

जलेबी

एक ढांचे में बंधी ज़िंदगी आज कुछ खुल गई है। भादो का कृष्णपक्ष, सूरज अशर्फी सा आकाश के कलश में वापस सुरक्षित रखा जा चुका है। क्षितिज के पश्चिम कोने में इंगुर-सिन्दूर बिखर चुका है। कौवा अबाबील के रंग-बिरंगे और सुंदर पंखों को देखकर मंत्र-मुग्ध हो रहा है।

 “पूरी दुनिया में हमारे द्वारा बनाए नीड़ के भी लाखों-करोड़ों खर्च करने वाले प्रशंसकों की भीड़ हैं और मान लो कि मेरे पंख तुमसे बेहतर हैं ही।” अबाबील चहक रही है।

“वाकई तुम्हारे पंख दिखने में मेरे पंखों से कहीं अधिक सुंदर हैं। लेकिन मेरे पंख ज्यादा बेहतर हैं क्योंकि ये हर मौसम में मेरे साथ रहते हैं और इनके कारण मौसम चाहे कैसा भी हो, मैं हमेशा उड़ पाता हूँ।"

रहिमन निज मन की विथा, मन में राखो गोय।

 सुनि इठलैहैं लोग सब, बाटि न लैहै कोय।

किस भाव से ध्यान करे उलझा मरीचि तोय

जपत-जपत अवसाद में काहे न जगत होय।

महत्वपूर्ण ये नहीं है, कि वास्तविकता क्या है… बल्कि, महत्वपूर्ण ये है कि, आप अपनी बात को सही साबित करने के लिए कितने संभावित तर्क प्रस्तुत कर सकते हैं….!!

बारह मंजिला खिड़की से गिरा दी गई या नशे में गिर गई, सीढ़ी से पैर फिसला या गला दबाने के बाद फेंक दी गई, कुल्हाड़ी से या हथौड़े से मारी गयी•••!

उत्तेजक क्या रहा होगा•••! पोस्टमार्टम रिपोर्ट कौन बदल रहा•••! कैसे दुनिया जानेगी कि मनमोहना ने प्रेमी के संग मिलकर हत्या की या झूठा दहेज उत्पीड़न में आत्महत्या कर लेने हेतु उकसाया गया•••!

 गले में नाग की तरह परिश्रावक/स्टेथॉस्कोप को लटकाये तहबंद/एप्रन को चढ़ाए चिकित्सकों-उपचारिकाओं और काले कोट धारक अधिवक्ताओं की हड़ताल पर बैठी भीड़ में बहस जारी है।

चिकित्सक-साहित्यकार पत्नी और उच्च पदाधिकारी- अधिवक्ता पति की लाश, समाज को मनुष्यता विमर्श के कटघरे में ला पटकी है। आगे प्रतीक्षा है न्याय क्या होता है•••!

  छायाचित्र उतारनेवाले मित्र-बन्धु राजेन्द्र पुरोहित और अनिल मकरिया के संग सोशल मिडिया से आपकी खबरी विभा रानी श्रीवास्तव का नमस्कार और अब हम विदा लेते हैं!

5 comments:

  1. "महत्वपूर्ण ये नहीं है, कि वास्तविकता क्या है… बल्कि, महत्वपूर्ण ये है कि, आप अपनी बात को सही साबित करने के लिए कितने संभावित तर्क प्रस्तुत कर सकते हैं….!!"

    चंद्रयान की मोदी जी को बधाई :)

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  2. सच कहा वास्तविकता क्या है ये महत्वपूर्ण नहीं बल्कि बात साबित करने के लिए प्रस्तुत तर्क महत्वपूर्ण...।
    सादर
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    जी नमस्ते,
    आपकी लिखी रचना शुक्रवार २५ अगस्त २०२३ के लिए साझा की गयी है
    पांच लिंकों का आनंद पर...
    आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    सादर
    धन्यवाद।

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    1. शुभकामनाओं के संग हार्दिक आभार आपका

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  3. आप वास्तविक सच को उजागर करने की पक्षधर हैं

    प्रणाम आपको

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आपको कैसा लगा ... यह तो आप ही बताएगें .... !!
आपके आलोचना की बेहद जरुरत है.... ! निसंकोच लिखिए.... !!

मानी पत्थर

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