यहाँ कार्यशाला इवेंट्स में हाइकु लिखने के लिए आधार शब्द जैसे हम लेते हैं.. इस इवेंट में भी होगा..
पर इस बार एक चेलेंज.. बड़े वाला.. हर हाइकु के लिए आपको शब्द खुद तय करना है.. उसे आप हाइकू के नाम या शीर्षक के तौर पर लिखें..
पर पर पर.. वो शब्द हाइकु में नहीं आना चाहिए.. मतलब जिस शब्द को आप आधार बना रहे हैं.. वो सिर्फ अपना अर्थ या भाव या पहचान दिखाए हाइकु में.. खुद ना दिखे.. !
~~~~~~~~~~~~~~~~~
ये हमे चुनौती मिला है
कितना सफल है आप बताएं
~~ 1

छेद दे काठ
कैद हो पंखुरी में
इश्क ये कैसा
~~2

अंक समाये
क्षुधा तृप्त हो जाए
ईश्वर साध
~~3

है व्यथा ग्रस्त
वेदना है आनंद
प्रफुलित है
~~4

चुनी वेदना
है प्रकृति स्वरुपा
अतुलनीय
~~5

खोल दे आंखे
बन जाता महान
दे शब्द ज्ञान
~~6

साथ मिले तो
मुक्त पापाचरण
गुप्तरूप (गुप्त हस्त)से
~~7

पर इस बार एक चेलेंज.. बड़े वाला.. हर हाइकु के लिए आपको शब्द खुद तय करना है.. उसे आप हाइकू के नाम या शीर्षक के तौर पर लिखें..
पर पर पर.. वो शब्द हाइकु में नहीं आना चाहिए.. मतलब जिस शब्द को आप आधार बना रहे हैं.. वो सिर्फ अपना अर्थ या भाव या पहचान दिखाए हाइकु में.. खुद ना दिखे.. !
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ये हमे चुनौती मिला है
कितना सफल है आप बताएं
~~ 1

छेद दे काठ
कैद हो पंखुरी में
इश्क ये कैसा
~~2
अंक समाये
क्षुधा तृप्त हो जाए
ईश्वर साध
~~3
है व्यथा ग्रस्त
वेदना है आनंद
प्रफुलित है
~~4
चुनी वेदना
है प्रकृति स्वरुपा
अतुलनीय
~~5
खोल दे आंखे
बन जाता महान
दे शब्द ज्ञान
~~6
साथ मिले तो
मुक्त पापाचरण
गुप्तरूप (गुप्त हस्त)से
~~7
है देश हठ
उनका ही भविष्य ,
वे बनाते हैं
~~ 8

हेम सा हेम
निर्वाण प्राप्त किया
तृष्णा का त्याग
~~9

अनूठा शिष्य
दिया हंस दक्षिणा
हाथ का अँगूठा
~~

हेम सा हेम
निर्वाण प्राप्त किया
तृष्णा का त्याग
~~9
अनूठा शिष्य
दिया हंस दक्षिणा
हाथ का अँगूठा
~~







