काला धन के नाम पर अत्याचार
स
तंज़
स्वाश्रयी
मरी मीन
तिज़ोरी कैद
कत्ल शिष्यकारु
काला धन रंगीन 【01】
<><>
लो
चर्चा
बयानी
अम्र कौमी
नंगा कहर
दाग बेदखल
काला धन महर 【02】
“नगर के कोलाहल से दूर-बहुत दूर आकर, आपको कैसा लग रहा है?” “उन्नत पहाड़, चहुँओर फैली हरियाली, स्वच्छ हवा, उदासी, ऊब को छीजने के प्रयास में है...
चरण स्पर्श दीदी
ReplyDeleteधुल कर सफेद हो गया
अब अब धीरे-धीरे फिर
काला हो रहा है
100-100 की शक्ल में
सादर
ढ़ेरों आशीष व असीम शुभकामनाओं संग शुभ दिवस छोटी बहना
Delete2000 के नोट नकली निकले
नोट बदलने से देश बदल जाता तो नोट बदलने की आज जरूरत नहीं होती
Very good
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