20 सितम्बर को दिल्ली स्टेशन पर ट्रेन में बैठे साढ़े ग्यारह-बारह बजे तक फोन से बात कर सोई तो सुबह चंडीगढ़ में आँख खुली... सधारणत: ऐसा मेरे साथ होता नहीं है .... मेरी नींद इतनी गाढ़ी कभी नहीं हुई कि समान चोरी हो जाये... फोन चोरी होने से सबसे सम्पर्क खत्म हो गया....
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सन्ध्या का आलोक
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अरे, बहुत खराब हुआ यह तो। थकान की नींद होगी। मिला क्या सामान दीदी🙏
ReplyDeleteनम्बर अब क्या है?
06122592239
Deleteनमस्ते, आपकी यह प्रस्तुति "पाँच लिंकों का आनंद" ( http://halchalwith5links.blogspot.in ) में गुरूवार 05-10-2017 को प्रकाशनार्थ 811 वें अंक में सम्मिलित की गयी है। चर्चा में शामिल होने के लिए आप सादर आमंत्रित हैं, आइयेगा ज़रूर। सधन्यवाद।
ReplyDeleteकुछ महत्वपूर्ण नम्बर लिखे हुऐ भी रखने चाहिये पाने साथ हमेशा सफर में।
ReplyDeleteकब क्या हो जाय कोई नहीं जानता और आज के चोर स्मार्ट जो हो गए है
ReplyDeleteबहुत मुश्किल हो गई।
चोर वाकई स्मार्ट हो गये हैं,बस में चढती लड़की के हाथ से झपटकर मोबाइल लेकर भाग खड़े हुये.....
ReplyDeleteआदरणीया और मैं क्या कहूँ?
ReplyDeleteक्या कहूँ ,सच कहते है लोग जमाना बड़ा खराब है
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