Wednesday, 12 June 2019
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२६-०६-२०२६ : शून्योपरान्त या लंतरानी?
छोड़ चुकी हूँ समस्याओं पर विचार रखना। हर गाँठ को खोलने की ज़िद में उँगलियाँ ही लहूलुहान होती थीं। अब जो नहीं बदल सकता, उसे समय के हवाले कर द...
छोड़ चुकी हूँ समस्याओं पर विचार रखना। हर गाँठ को खोलने की ज़िद में उँगलियाँ ही लहूलुहान होती थीं। अब जो नहीं बदल सकता, उसे समय के हवाले कर द...
सुन्दर !!
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