Tuesday, 24 December 2019

क्रिसमस की बधाई


जाड़े की छुट्टी/क्रिसमस डे/क्रिसमस+अह्न=क्रिसमसाह्न
जुगनुओं की बाढ़
तंबू में छाई।


तेरा दिया वो जख्म खुला रखता है,
आईना सँजोता नहीं गम रिसता है,
बिना श्रम फलक पर चमक जाता–
जलसा-जलसा चहुँ ओर दिखता है।


गलतियाँ मत ढूंढो, उपाय ढूंढो......नहीं तो ढूंढते ही रह जाओगे और रिश्ते समाप्त हो जाएंगे....सदा सदा के लिए 
©नीरज कृष्ण





7 comments:

  1. वाह दी सुंदर लाज़वाब हायकु और मुक्तक भी बहुत अच्छा है।

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  2. विभा जी,आपलोगों से मिल कर मन प्रसन्न हुआ.हम समधर्मी लोगों का संपर्क रचनाशीलता के लिये भी सार्थक होगा यह मेरा विश्वास है.

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  3. वाह !आदरणीय दीदी जी शानदार सृजन
    सादर

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आपको कैसा लगा ... यह तो आप ही बताएगें .... !!
आपके आलोचना की बेहद जरुरत है.... ! निसंकोच लिखिए.... !!

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