Thursday, 2 December 2021

प्रलय

 [01/12, 9:29 pm]: मेरा कुत्ता अपने अंत समय में आ गया है 15 साल का साथ छूटने वाला है

[01/12, 9:59 pm]: सब घर में रो रहे हैं

[01/12, 10:00 pm]: हम लोग सोच रहे हैं कल उसे इच्छा मृत्यु दे दिया जाये

[01/12, 10:54 pm] विभा रानी श्रीवास्तव: स्वाभाविक है... लेकिन यह कैसे सम्भव है ?

[01/12, 10:55 pm] : भारत में पालतू जानवरों के साथ यह करने की इजाजत सरकार देती है

[01/12, 10:56 pm] : जब आपका पालतू पशु बेड पकड़ ले और खाना पानी त्याग दे। तब वह कष्ट असहनीय हो जाता है उस पशु के लिए और उस घर के लोगों के लिए: तब समय आता है यह कड़ा कदम उठाने का

[01/12, 10:57 pm]: उस समय एक कागज बनता है जिसमें लिखा होता है मैं अपने पालतू पशु को बिना दर्द के उसे एक अच्छी मुक्ति दे रहा हूँ : उसके बाद डॉक्टर इंजेक्शन देते हैं और वह पशु 5 से 6 मिनट में चला जाता है

[01/12, 10:58 pm] : हमेशा के लिए

[01/12, 10:58 pm] विभा रानी श्रीवास्तव: बेहद दर्दनाक है

[01/12, 10:58 pm]: इस कागज़ में घर के सभी सदस्यों को हस्ताक्षर करने होते हैं.…: दर्दनाक नहीं है माँ : काफी आरामदायक है उस कष्ट से जो वह झेल रहा है

[01/12, 10:59 pm]: Lungs खराब हो चुका है, हार्ट कमजोर पड़ रहा है

[01/12, 10:59 pm] विभा रानी श्रीवास्तव: मैं पहली बार जान रही हूँ.. मेरे घर में गाय बैल पाला जाता रहा है

[01/12, 10:59 pm]: किडनी काम कम कर रहा है

[01/12, 11:00 pm] विभा रानी श्रीवास्तव: मुक्त कर दो

लेकिन दर्द तो है

[01/12, 11:00 pm]: रोज़ रात को अटैक आता है : अटैक के वक़्त पलट के किसी को देखते रहती है.. शायद उसे कुछ दिखता होगा

[01/12, 11:03 pm]: यह सोचकर ही हिम्मत जवाब दे जाता है

[01/12, 11:05 pm] विभा रानी श्रीवास्तव: मैंने कभी देखा जाना नहीं तो कल्पना करने में रौंगटे खड़े हो रहे हैं.. ऐसा भी होता है..!

[01/12, 11:08 pm]: इसके बारे में घर मे मैंने ही सबको बताया है

[01/12, 11:09 pm] : जबकि बचपन से उसे सब *मेरी बेटी है* कहा करते थे: और मैं ही उसके लिए इतना बड़ा फैसला ले रहा हूँ

[01/12, 11:18 pm] विभा रानी श्रीवास्तव: तुम्हारी भावनाओं को समझने में अभी असमर्थता है..

6 comments:







  1. सादर नमन दीदी
    वाजिब हो सो किया जाए
    व्यर्थ प्रश्नोत्तर की आवश्यकता नहीं न है
    अग्रहण गुरुवार सुबह 06.08
    सादर

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  2. 10:58PM,10:59PM,तथा11:09PM वाली पंक्तिया एक दूसरे का विरोध करती हैं,
    भावनाओ का सागर उड़ेल दिया है आपने अद्भुत,

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  3. समझ सकते हैं जिनके परिवार के सदस्य जानवर भी होते हैं

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  4. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार(०३-१२ -२०२१) को
    'चल जिंदगी तुझको चलना ही होगा'(चर्चा अंक-४२६७)
    पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है।
    सादर

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  5. इच्छा मृत्यु !
    उफ्फ !!
    बहुत ही मार्मिक ....

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  6. इच्छा मृत्यु सुन कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं!
    बहुत ही मार्मिक......

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