Thursday, 6 August 2020

समझ सको तो समझो, ना समझ सके तो...

"जानती हैं माँ! मोहन का एक किडनी निकाल लिया गया!"
सोहन से इतना सुनते रमिया चिहुंक उठी,-"विस्तार से बताओं कैसे क्या हुआ ?"
"मोहन को बुखार कफ गले का दर्द था। उसने अपना टेस्ट करवाया तो कोरोना पोजिटिव आया...। उसे अस्पताल में रखा गया और दो दिन के बाद पुन: टेस्ट हुआ तो रिपोर्ट निगेटिव आया। अस्पताल से छुट्टी पाकर घर आया तो उसे पता चला कि उसके पेट में लम्बा चीरा है। उसने टेस्ट करवाया तो पता चला कि उसका एक किडनी निकाल लिया गया है।"
"तो उसके आगे अब क्या होगा ? पुलिस केस किया जाना चाहिए।"
"एफ.आई.आर. करवा दिया गया और उस अस्पताल में ताला जड़ा जा चुका है...। चिकित्सक संग सभी सहायक पुलिस हिरासत में हैं।"
"सबको सज़ा हो जायेगा । सोहन का किडनी तो नहीं लौटेगा...,"



–स्वर्णिम काल अध्याय है यह 2020
काल का काल है...
कहीं पर किडनी तो
कहीं सारे अंग निकाले जा रहे हैं...

–समय-काल निकल गया..
चाँदी के ईंट नींव निगल गया...

–इस काल में भी साधु के तोते की संख्या कितनी होगी ...
राम मंदिर का निर्माण तत्काल में कितना आवश्यक था
हमें जानना-समझना था....

–इंसानों के आचरण , व्यवहार और चरित्र में भी राम जो विराजने लगते...
तो यह बात 2021 के रामनवमी तक तो टल ही जाती...

–यह काल चुनाव में कमाई का है
जनता किस ब्रांड का तेल कानों में डाल लेती है..
कितने घोड़े बेचकर सो जाती है...
शोध का विषय है...

–यह काल परबचन काल है...
गलतफहमियों का काल है


5 comments:

  1. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज शनिवार 08 अगस्त 2020 को साझा की गई है.... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    1. सस्नेहाशीष व शुभकामनाओं के संग हार्दिक आभार आपका

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