Monday, 24 August 2020

वक्त आजमा रहा है

कोई कसर नहीं रह जाये...


वन में आग–
श्वेत श्याम में दिखे
अलूचा बाग।

आलूबुखारा को अलूचा भी कहते हैं

मुख्यतः आलूबुखारा अमेरिका का फल है लेकिन भारत में भी होने लगा है..

इस समय यह पकता है..

और इस समय कैलिफोर्निया में आग फैली हुई है.. कई लाख एकड़ जल कर खत्म हो गए... पूरे शहर में धुएँ से सफेद और स्याह दिख रहा है।
वातावरण में धुँआ , राख और जलने का गंध फैला हुआ है... जो पहाड़ साफ-साफ दिखलाई पड़ता था वो नहीं दिख रहा है... । पेडों के डालों/लटकी टहनियों पर राख सफेद-काला दिखलाई दे रहा है..। कोई बॉलकोनी में बैठे तो पूरा राख जम जाए... । लोग भय में हैं कि ना जाने कब घर छोड़ कर हटना पड़े... प्रशासन से लगातार अलर्ट किया जा रहा है.. 'जगह छोड़कर निकल जाएं...।'

7 comments:

  1. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज सोमवार 24 अगस्त 2020 को साझा की गई है.... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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    1. असीम शुभकामनाओं व सस्नेहाशीष के संग हार्दिक आभार छोटी बहना

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  2. सादर नमस्कार ,

    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल मंगलवार (25 -8 -2020 ) को "उगने लगे बबूल" (चर्चा अंक-3804) पर भी होगी,आप भी सादर आमंत्रित हैं।
    ---
    कामिनी सिन्हा

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  3. दुखद। लापरवाहियां मनुष्य की।

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  4. जंगल की आग जब फैलती है तो हरे भरे पेड़-पौधे सबको जलाकर खाक कर देती हैं
    चिंतनशील विकट स्थिति

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  5. अपना ख्याल रखिये। मास्क अब और जरूरी हो गया होगा।

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आपको कैसा लगा ... यह तो आप ही बताएगें .... !!
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