Friday, 17 April 2026

17 अप्रैल -अन्तरराष्ट्रीय हाइकु दिवस

युद्धान्तहीन—

पृष्ठों के युद्धपोत 

बाड़ के पास

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ख़िंज़ाँ की शाम—

ग्रहण में ही रहा

आह या वाह

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तुम और मैं

ना/क्यों ‘हम' नहीं रहे—

ख़िज़ाँ की शाम

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भिन्नार्चा स्थल

शरणार्थी शिविर—

युद्धान्तहीन

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स्मृति पट्टिका—

आँसू से भींगे पाँव

पत्ती कुचले

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छड़ी कोर से

इंद्रायुध छू लेना

झाग बौछारें—


शमी का फूल

पुनः ताल में तैरे—

पृथ्वी दिवस

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२१ मई -चाय दिवस

  सन्धान उधड़ रहे थे रिश्ते धीरे-धीरे, जैसे पुरानी रज़ाई का कोना, बातों के धागे टूट चुके थे, और मौन ने घर भर में शुरू कर दिया अँधेरा बोना! त...