Thursday, 26 December 2019

नव भोर उल्लासित रहे


उग्रशेखरा सा उच्चाकांक्षी में
उच्छृंखलता उछाँटना
अन्य पर वार करने का
कारण बनाओ
तो
बहुत खतरनाक
बनाता है..
वरना सच तो
सबका ज़मीर जानता है..


5 comments:

  1. वाह क्या बात है दी शानदार सृजन।

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  2. अरे वाह ताई जी क्या बात कही है

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  3. आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज बुधवार 01 जनवरी 2020 को साझा की गई है...... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

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