संप्रेषण , केवल शब्दों से नहीं होता ,
जिस तरह से शब्द बोले जाते हैं ,
चेहरे के भाव से भी संप्रेषण होता है…. !!
अन्तरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस के अवसर पर, विशेष ज्ञान- परबचन का शौक नहीं है– अनुभवजन्य बाँटने का प्रयास है— “हम उलझे रहते हैं —ऐसा हुआ रहता तो ऐ...
जिस तरह के शब्द सोचे जाते हैं , वह चेहरे पर उसी भाव के साथ अंकित होता है ... अति साधारण चेहरा सोच से सुंदर और अति सुंदर चेहरा सोच से कुरूप होता है , दीखता है
ReplyDeleteबहुत सही कहा.....
ReplyDeleteसादर.
यकीनन
ReplyDeleteसच कह्र रही है सम्प्रेषण के लिये शब्दों के अलावा बॉडी लैंगुअज बहुत कुछ कह जाती है.
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