Sunday, 6 July 2014
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थाती का व्यास
पटना -२० फरवरी २०२६ भाई राजेन्द्र, सस्नेहाशीष! आशा करती हूँ, सपरिवार तुम सानन्द होगे। तुम जब पिछली बार पटना आए थे तब भी रामदीन को लेकर चिन्त...
पटना -२० फरवरी २०२६ भाई राजेन्द्र, सस्नेहाशीष! आशा करती हूँ, सपरिवार तुम सानन्द होगे। तुम जब पिछली बार पटना आए थे तब भी रामदीन को लेकर चिन्त...
बहुत खुबसूरत हायकू..बधाई विभा..
ReplyDeleteसुंदर प्रस्तुति आदरणीय , आप की ये रचना चर्चामंच के लिए चुनी गई है , सोमवार दिनांक - ७ . ७ . २०१४ को आपकी रचना का लिंक चर्चामंच पर होगा , कृपया पधारें धन्यवाद
ReplyDeleteस्नेहाशीष शुक्रिया .... आभारी हूँ ....
Deleteबहुत ही मानीख़ेज़ हाइकू हैं दीदी!
ReplyDeleteसुन्दर हाइकु, बधाई.
ReplyDeleteसुन्दर उपमान और उपमेय |
ReplyDeleteनई रचना उम्मीदों की डोली !
वाह ... बहुत ही सुन्दर हाइकू हैं सभी ...
ReplyDeleteबहुत सुन्दर प्रस्तुति।
ReplyDeleteबहुत ही सुन्दर हाइकू
ReplyDeleteThis comment has been removed by the author.
ReplyDeleteअच्छे हाइकू !
ReplyDeleteखूबसूरत हाइकु, सुंदर हाइगा…बधाई स्वीकारें!
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