असीम शुभकामनाओं के संग चतुर्थ वार्षिकोत्सव व सोलहवें हाइकु दिवस की हार्दिक बधाई
नभ में सिक्का/उछला सिक्का–
पुनः श्रम ही आया
उसके हिस्से।
5 बेहद महत्त्वपूर्ण अंक..


तपकर रिश्तों की अगन, सींचा सबका भाग माँ का अनुपम त्याग है, जीवन उसका राग मेघ गर्जन— माँ की सिखलायी धुन में नाचे मृण शिल्प में बोसा जुड़ रहा...
बधाई व शुभकामनाएं।
ReplyDeleteहार्दिक आभार आपका
Deleteहाइकु दिवस की बधाई हो।
ReplyDeleteबधाई
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