आपके जीवन में सब रंग मिले..
मित्र के हाथ
उपहारों से भरे
अबीर झोली
रिश्तों में दरार डालता कौन है
हद में स्याही जज्बे से पौन है
बौर का कहीं और ठिकाना
क्यों कोयल कहीं और मौन है
°°
लेखन और तस्वीर खींचना जुनून है
अन्तरराष्ट्रीय वृद्ध दिवस के अवसर पर, विशेष ज्ञान- परबचन का शौक नहीं है– अनुभवजन्य बाँटने का प्रयास है— “हम उलझे रहते हैं —ऐसा हुआ रहता तो ऐ...
होली शुभ हो।
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