आपके जीवन में सब रंग मिले..
मित्र के हाथ
उपहारों से भरे
अबीर झोली
रिश्तों में दरार डालता कौन है
हद में स्याही जज्बे से पौन है
बौर का कहीं और ठिकाना
क्यों कोयल कहीं और मौन है
°°
लेखन और तस्वीर खींचना जुनून है
निखिल का पैतृक शहर विनाशकारी बाढ़ की चपेट में आ गया। बस्तियाँ डूब गईं, हाहाकार मच गया। राहत कार्य में जुटे थके-हारे निखिल ने जब पुस्तकालय का...
होली शुभ हो।
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